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बुधवार, 17 जून 2015

पाठशाला में भैंस !

उत्तम प्रदेश ने एक बार फिर मिसाल क़ायम की है।अब बच्चे पाठशालाओं में भैसों के साथ-साथ पढ़ाई भी कर सकेंगे।इससे फौरी तौर पर फ़ायदा यह होगा कि शाला में मास्टरजी के न होने पर भी बच्चे अपना दिल बहला सकेंगे।उनकी पढ़ाई गोबर न हो,इसके लिए वास्तविक गोबर के साथ ही प्रयोग करने का उन्हें दुर्लभ मौका़ मिलेगा।


यह प्रयोग शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा क्रान्तिकारी परिवर्तन सिद्ध होने वाला है।बच्चे स्कूल से ही अपने रोजगार में लग जायेंगे।पढ़ाई के दौरान भैंस-पालन का समुचित प्रशिक्षण होने से आगे चलकर उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।बच्चे भैंस की देखरेख के साथ ही पढ़ाई को वहीँ आत्मसात कर लेंगे।ऐसे नवीन प्रयोग के ज़रिये वे कई मुहावरों को रटेंगे नहीं बल्कि उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख लेंगे।वे घास छीलने के लिए ही स्कूल नहीं जायेंगे बल्कि पूरी ज़िन्दगी ‘घास छीलेंगे’। बच्चे स्कूली दिनों में ही 'जिसकी लाठी, उसकी भैंस' का मर्म समझ जाएंगे।


स्कूल में भैंस होने से मास्टरजी को पढ़ाने में बड़ी आसानी होगी।वे इसके ज़रिये अच्छी तरह से बता सकेंगे कि ‘काला अक्षर भैंस के बराबर’ कैसे होता है ? उनकी पढ़ाई वाले अक्षरों और भैंस दोनों का रंग एक यानी काला होता है,इसलिए उनका और भैंसों का साथ कतई स्वाभाविक है।’भैंस के आगे बीन बजाओ,भैंस खड़ी पगुराय’ मुहावरे को मास्टरजी स्कूल के प्रांगण में ही सिद्ध करके दिखा देंगे।यही व्यावहारिक शिक्षा है।


विद्यालय में यदि भैंस होगी तो वह पगुराएगी भी,गोबर भी देगी।उस गोबर को एक जगह इकठ्ठा करके बच्चों में ‘कूड़े के ढेर’ की समझ भी विकसित होगी।उसके दूध से दही और घी निकालकर मास्टरजी अधिकारियों को भेजेंगे और मट्ठे का सेवन स्वयं करेंगे।इस क्रिया से कुपोषित बच्चों को दूध के उत्पादों की जानकारी भी दी जायेगी।बच्चे अपनी पढ़ाई से आगे की ज़िन्दगी को ठीक वैसे ही पार कर सकेंगे,जैसे भैंस की पूछ पकड़कर तालाब से वे बाहर आते हैं ।इस लिहाज़ से भैंसों का शाला में प्रवेश बच्चों के लिए ढेर सारी रचनात्मकता लेकर आएगा।


हर विद्यालय में भैंसों के रख-रखाव का असर व्यापक होगा।प्रत्येक बच्चे को भैंसों और उनकी नस्लों की अच्छी पहचान हो जायेगी।इससे मंत्री जी की भैंसें खोने पर पुलिस को अधिक मशक्क़त नहीं करनी पड़ेगी।तब वह आराम से किसी को जिंदा जलाने और फरार मंत्री को पकड़ने का पूर्वाभ्यास कर सकेगी।

2 टिप्‍पणियां:

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत करारा छ्न्न्नाटे दार

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत करारा छ्न्न्नाटे दार