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शुक्रवार, 17 जुलाई 2015

सद्भाव का सीज़न !

इफ्तार की दावत चल रही थी.पक्ष-विपक्ष के सभी लोग इतने घुल-मिलकर खा-पी रहे थे कि थोड़ी देर के लिए तो ताज्जुब हुआ कि अब क्या होगा ? देश में विरोध की आवाज़ कौन उठाएगा ?सत्ता और विपक्ष का एका तभी होता है जब बाहरी शत्रु आक्रमण कर देता है या कोई प्राकृतिक आपदा हो.फ़िलहाल मुझे इनमें से कुछ भी होने की खबर नहीं थी.फ़िर,ये अचानक प्यार से गले लगना किस बात का संकेत है ?

मौक़ा पाकर इफ्तार की दावत पर आए विपक्षी नेता से हमने यही सवाल किया.वे सहज भाव से बोले,’देखिए ,हममें अभी इतनी तमीज तो बची है कि हम एक-दूसरे की दावतों का बहिष्कार न करें .सदन में हम पूरी ताकत से अपना विरोध पहले की ही तरह दर्ज़ करते रहेंगे.आपके लिए यह भी खबर है और वह भी.हम यही चाहते हैं.’

‘पर हमें तो यहाँ पूर्ण सद्भाव दिखाई दे रहा है.कहीं इसका प्रभाव सदन के कामकाज में भी पड़ा तो उस की गरिमा कैसे बचेगी ?’हमने आशंकित होते हुए पूछा.नेताजी ने बिलकुल आश्वस्त होते हुए कहा,’आप बेवजह चिंतित हो रहे हैं.हमें जनता की नब्ज़ पकड़ने का पर्याप्त अनुभव है.हम इफ्तार पार्टी से निकलते ही सरकार के विरुद्ध एक कड़ा बयान जारी कर देंगे.इससे फ़िर वही माहौल बन जाएगा’

तभी सामने से इफ्तार की दावत आयोजित करने वाले सत्ताधारी दल के नेता जी दिखाई दिए.हमने उनसे भी सरकार की इस उपलब्द्धि पर प्रश्न किया.वे कहने लगे,’पत्रकार होकर भी आप आज तक यह समझ न पाए ! अरे भाई,’डिनर-डिप्लोमेसी’ तो सुनी है ना उसी तरह यह ‘इफ्तार-डिप्लोमेसी’ है.इससे यह संदेश जाता है कि सरकार सब कुछ करने के अलावा सद्भाव पर भी काम कर रही है.’ ‘तो क्या अब हम समझें कि इसके बाद देश में सद्भावपूर्ण वातावरण बनेगा और आपकी सरकार इसके लिए ठोस कार्रवाई करेगी ?’हमने स्थिति स्पष्ट करनी चाही.नेता जी मुस्कुराते हुए बोले,’हमें अपने बयान-वीरों पर पूरा भरोसा है कि वो ‘इफ्तारी-सीजन’ के बाद अपनी कार्यवाही शुरू कर देंगे.वैसे भी हमारे यहाँ पर्व और त्यौहार सद्भाव के लिए ही आबंटित किए गए हैं.अभी हम इतने गए-गुजरे नहीं हैं कि इस परिपाटी का पालन भी न करें.आप चिन्ता न करें,हम अपने विरोधियों से दीवाली पर भी उतनी ही गर्मजोशी से मिलेंगे.यही हमारे संविधान की मूल धारणा है.’

इतना कहकर वे आगे बढ़ गए.हम ईद और दीवाली के बीच वाले समय के बारे में आश्वस्त हो चुके थे.इस सद्भाव के बाद खबरें वैसी ही जारी रहेंगी.

3 टिप्‍पणियां:

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, ४ का चक्कर - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

सद्भाव बना रहे.........

Manoj Kumar ने कहा…

डायनामिक ब्लॉग पर आपका स्वागत है

सुन्दर रचना आपकी !