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रविवार, 27 नवंबर 2016

जनमत,बहुमत और संसद सब एक जगह !

उधर नोट लेने के लिए लोग लाइनों में ही खड़े रह गए और इधर बैठे-बिठाए वोट बरस पड़े।सरकार बहादुर निहाल हो उठे हैं और विपक्ष बेहाल।डिजिटल-नागरिकों ने नोटबंदी पर उन्हें अट्ठान्नवे फीसद के भारी बहुमत से जिता दिया है।आम चुनाव में अपनाए गए पारंपरिक तरीके से इकतीस फ़ीसद लोग ही ‘मन की बात’ कह पाए थे।ये तो ‘नमो-एप’ का कमाल है कि डिजिटल-इंडिया अब अत्याधुनिक तकनीकी की राह पर चल चुका है।एटीएम से नोट न निकलने का यही कारण है कि सरकार हमें कैश-लेस सुविधा देने का प्रयोग कर रही है।इससे चोरी-चकारी से तो बचाव होगा ही,लोगों का दैनिक-खर्च भी बचेगा।


चुनाव-आयोग को भी अलादीन का चिराग़ मिल गया है।अति-पुष्ट खबरों के मुताबिक अगले चुनावों में वह ‘नमो-एप’ को राष्ट्रीय-स्तर पर लांच कर सकता है।इससे समय और धन की बचत तो होगी ही,अल्पमत-सरकार की आशंका भी नहीं रहेगी।जो चुनाव कई चरणों में भारी तामझाम और सुरक्षा-बलों की तैनाती के मोहताज होते थे,महज कुछ घंटे में ही निपट जाएंगे।कतारें वोट लेने के लिए नहीं केवल नोट लेने के लिए लगेंगी।जो कतार में नहीं खड़े होना चाहते हैं,वे जल्द से जल्द कैश-लेस हो जाएँ।अगले चरण में सरकार इन्हें वोट-लेस भी कर देगी।फिर किसी को लेश-मात्र कष्ट नहीं होगा।

विपक्ष नोटबंदी को लेकर खामखाँ परेशान है।यह आइडिया उसके भी काम आ सकता है।सरकार से विरोध करने के लिए ‘भारत-बंद’ करने की जरूरत नहीं है।सभी विपक्षी सांसद ‘नमो एप’ को अपने-अपने स्मार्ट-फोन में इंस्टाल कर लें और प्रधानमंत्री का मुँहतोड़-जवाब उसी में सुन लें।इससे एक फायदा यह होगा कि उन सबके मुँह भी सुरक्षित रहेंगे और सदन की कुर्सियाँ भी।

बैंकों की कतार में खड़े लोग परेशान न हों।वे सरकार की कैश-लेस योजना को ठीक तरह से समझ लें तो कतार से भाग खड़े होंगे।अब डेबिट कार्ड,क्रेडिट कार्ड के साथ ही शादी के कार्ड से भी पैसा पा सकते हैं।



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