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शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

आओ जी,आपका स्वागत है !

राजधानी में गहमागहमी अचानक बढ़ गई है। एक तरफ़ सरकार को तलाशने में सारे नेता लगे हुए हैं,वहीँ सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी आतंकवादी हरक़त पर नज़र गड़ाए हुए हैं। दुनिया की सबसे बड़ी सरकार राजधानी में पधारने वाली है,इसके लिए हमारी सरकार ने अपनी कमर कस ली है। जगह-जगह ऐसे कैमरे फिट कर दिए गए हैं,जिससे किसी भी आदमी का इतिहास-भूगोल मिनटों में पता किया जा सकता है। अंकल सैम के इतने बड़े लाव-लश्कर के आने में जितना खर्च हो रहा है,उतने में तो किसी छोटे-मोटे प्रदेश का सालाना बज़ट निपट जाता। पर सरकार इतने छोटे दिल की नहीं है कि वह पाई-रत्ती का हिसाब रखे। आखिर नाक भी तो कोई चीज़ होती है।

हमारे यहाँ प्राचीन काल से अतिथि को भगवान माना गया है। यहाँ तो साक्षात् भगवान ही पधार रहे हैं। अंकल सैम के आस-पास कोई परिंदा तो पर मार ही नहीं सकता,हवा भी पास से गुजरने की हिम्मत नहीं कर सकती। दुनिया के दरोगा ने आने से पहले ही हमलावरों को अलर्ट जारी कर दिया है कि कम से कम तीन दिन वो अपनी आरामगाह में ही रहें। यदि उस वक्त सीमा पर कोई फुलझड़ी भी सुनाई दी तो उसका हुक्का-पानी बंद कर दिया जायेगा। ऐसे में हमारे देश को लीज़ पर तीन दिन के लिए शांति प्रदान की जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आगे भी हमारे निवेदन पर इसको रिचार्ज किया जा सकता है।

राजधानी के आकाश-पाताल पर अंकल सैम का कब्जा बड़ा सुकून पैदा करने वाला होगा। सड़क,रेल और नभ के यातायात पूरी तरह चाक-चौबंद रहेंगे। अपराधियों और आतंकवादियों को अंदरूनी एडवाइजरी जारी कर दी गई है और वे सभी दम साधे इन तीन दिनों के गुजरने का इंतज़ार कर रहे हैं। थानेदार साहब के जाते ही सब अपने-अपने मोड में सक्रिय हो जायेंगे। इसकी चिंता हमारी सरकार को नहीं है तो दुनिया की सबसे बड़ी सरकार को क्यों होगी ?
पाकिस्तान जी से निवेदन है कि हमारे मुल्क की बेहतरी में वो भी अपनी तरफ से सहयोग करे। तीन दिन गोले नहीं दागने पर आदत नहीं छूट जाएगी। पुरानी और मुंहलगी आदतें ऐसे ही नहीं जातीं। अंकल सैम के जाने के बाद आप अपने गोले बदस्तूर ज़ारी रखना ताकि आपको भी अंकल सैम से राहत-राशि की पुड़िया मिलती रहे। आओ,आप और हम दोनों मिलकर उनका खैर-मकदम करें।


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