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गुरुवार, 7 मई 2015

मंगल जाओ,सब भूल जाओ !

मंगल ग्रह पर जाने वालों के लिए एक और खुशखबरी।वहाँ जीवन के चिह्न मिलने के बाद से कई लोगों ने कॉलोनी बसाने और कुछ ने प्लॉट काटने का मंसूबा पहले से ही तैयार कर रखा है पर इधर एक नया शोध आया है,जो मंगल की खूबसूरती में आठ चाँद लगा देगा।शोध-पत्र कहता है कि मंगल में कुछ दिन प्रवास करने पर व्यक्ति की याददाश्त जा सकती है।वह पुरानी सभी बातें भूल सकता है।इस चमत्कारिक प्रभाव के प्रकाश में आने से क्या आम आदमी,क्या नेता,सभी की बांछें खिल गई हैं।

सोचिए,यदि ऐसा हुआ तो क्या होगा ? पृथ्वी पर नाना दुखों से बेजार आदमी एक बार मंगल जाकर अपने गमों से पूरी तरह से निजात पा सकता है।आम आदमी सरकार बदल कर और नेता पार्टी बदल करके भी बड़े दुःख में जीते हैं।स्वयं सरकार ढेर सारे वादे कर आग के मुहाने पर रोज़ दहकती रहती है।ऐसे में मंगल-आइडिया सबके काम का है।ट्रैवेल एंड टूर कम्पनियों का बिजनेस ख़ूब चमक सकता है।डूबती हवाई कंपनियों के शेयर अंतरिक्ष तक पहुँच सकते हैं।व्यक्तिगत समस्याओं से आजिज लोग परिवार सहित मंगल की सैर कर सकते हैं।पत्नी से पीड़ित पति या पति की बेवफाई से दुखी पत्नी दोनों मंगल ग्रह पर जाकर शांति पा सकते हैं।हाँ,इस दौरान बच्चों को वहाँ न ले जाएँ ,नहीं तो वे अपने माँ-बाप को भी भूल सकते हैं।

सबसे लाभकारी स्कीम वे नेता उठा सकते हैं,जो सरकार में होते हैं।चुनाव से ऐन पहले अपने मतदाताओं को मंगल घुमा कर पिछले सारे वादे साफ़ कर सकते हैं।मंगल-वापसी पर फ़िर वही वादे दोहराने पर किसी अनिष्ट की आशंका नहीं रहेगी।एक खास बात और होगी।नेताओं को रोज-रोज टीवी के आगे आकर अपना माफीनामा नहीं बाँचना पड़ेगा।मंगल से लौटा आदमी किसी माफ़ी की डिमांड ही नहीं करेगा।लम्बे-लम्बे टीवी सीरियल और लोकप्रिय फिल्मों का रीमेक बनाने वाले निर्माता भी दर्शकों को मंगल भेजकर नई कहानी के झंझट से बच सकते हैं।करोड़ों रूपये लगाने के बजाय ‘मंगल-रिटर्न’ उनकी झोली भर सकता है।दर्शकों को पचास साल के सलमान भी नए अभिनेता-सी फील देंगे।जिस पीड़ित को वर्षों से न्याय न मिल रहा हो,उसे मंगल की सैर करा के लम्बित पड़ा मामला जल्द सुलट सकता है।यानी सौ मर्जों की एक दवा।

सरकार अपने कर्मचारियों को एलटीसी पैकेज देकर मंगल पर भेज सकती है।इससे पब्लिक और सरकार दोनों खुश।दफ्तर भी खाली और जंतर-मंतर भी।
 

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