रविवार, 18 जनवरी 2026

मित्रता का आधुनिक काल

मित्रता एक ऐसा रिश्ता है,जो सबसे ज़्यादा अबूझ रहा है।यह देशकाल, परिस्थिति और सुविधा के अनुसार परिवर्तित होता रहता है।मित्रता की जहाँ हज़ारों मिसालें मिलती हैं,वहीं इसके आघात से पीड़ित होने वाले कहीं अधिक हैं।विश्वासघात या धोखा शब्द अस्तित्व में आते ही नहीं यदिमित्रतानहीं होती।आजकल इस शब्द ने अपना और विस्तार कर लिया है।साधारण लोग मित्रता करते हैं जबकि असाधारण लोगअसली मित्रता।यदि कोई आपको बार-बार अपना मित्र बताता है तो उससे सावधान हो जाएं।लेकिन अगर वह आपसेअसली मित्रहोने का डंका पीटता है तो आपको अधिक सतर्क रहने की ज़रूरत है।बड़ा ख़तराअसली मित्रतामें ही है।यहाँ अमेरिका या चीन की बात नहीं हो रही है।वे निःसंदेह हमारे असली मित्र हैं।ट्रंप-टैरिफ और गलवानअसली मित्रताके सच्चे उदाहरण हैं।अब तो ऐसी मित्रता मेंनोबेल शांति पुरस्कारतक भेंट में दिए जा रहे हैं।


चलिए, छोड़िए यह सब।हममित्रताको बिला वजह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर घसीट रहे हैं।वेनेजुएला मामले पर संयुक्त राष्ट्र पहले से ही घिसट रहा है।यहाँ हम सीधे-साधे और सच्चे मित्र की बात करते हैं।ये हमारे आस-पास ही पाए जाते हैं।इनकी मित्रता जितनी सहज होती है धोखा भी उसी सहजता से होता है।यही मित्र हैं जो आपको आत्म-निर्भर बनाते हैं।जब आपका समय ठीक चलता रहता है, ये भी ठीक बने रहते हैं।समय पलटते ही ये भी पलट जाते हैं।लोग नाहक इन्हें अवसरवादी कहते हैं।अवसर के अनुसार जो नहीं बदलता वह मित्र तो अटूट रहता है पर उसकी समस्त संभावनाएं टूट जाती हैं।

 

असली दोस्त वही हैं जो आपका असली भेद खोलते हैं।साथ रहकर भी बहुत दूर होते हैं।सामान्य मित्र ज़्यादा बड़ा नहीं कर पाते।ये स्वभावतः भीरु क़िस्म के होते हैं।ऐसे दोस्त या तो दस-बीस हज़ार की चपत लगा पाते हैं या आपकी ज़रूरत में आपसे ज़्यादा तकलीफ़ में होते हैं।सबसे कम खतरनाक साहित्यिक मित्र होते हैं।इनकी अपेक्षाएँ बहुत बड़ी नहीं होतीं।अपनी नई किताब आने पर बेचारे आपसे न्यूनतम बलिदान चाहते हैं।इससे बचने का एकाध उपाय तो है पर ज़्यादा कारगर नहीं है।जब कोई पुराना मित्र आपको लगातार दो दिनसुप्रभातके संदेश देने लगे, समझिए उसकी नई किताब का कवर और आपका बटुआ फटने वाला है।तीसरी बार में पक्का किताब की सूचना आएगी।आप लप्प-से बधाई भेजेंगे।बस यही मौक़ा होगा जब आपडिजिटल-अरेस्टहो जाएँगे।किताब का लिंक खोले बिना आपकी जान नहीं छूटने वाली।आप यदि समझदार हुए तो दो-ढाई सौ रुपए में छूट जाएँगे।यदि अतिरिक्त समझदारी दिखाई तो आपकी कुंडली कइयों के सामने खुलने में देर नहीं लगेगी।आपके दूसरे मित्रों में आपके विस्मरणीय योगदानों को पल भर में अविस्मरणीय बना दिया जाएगा।


सबसे अच्छे दोस्त चिरकुट-टाइप के होते हैं।ये चाय-पानी तक में संतोष कर लेते हैं।भूल कर भी कभी इनसे भुगतान मत करवा देना।इतने कम इन्वेस्टमेंट में तो दुश्मन भी नहीं मिलते, दोस्त कहाँ से मिलेंगे ! इनकी एक बड़ी अच्छाई है।ये वफ़ादार होते हैं।जब तक आप उनका ख़्याल रखते हैं, वे आपकी ढोल बजाते रहेंगे।इनकी मित्रता को शत्रुता मेंकन्वर्टकरने के बारे में सोचना भी मत।


हाँ, आभासी मीडिया में दोस्ती बड़े हिसाब-किताब से निभाई जाती है।यहाँ बने मित्रों को सामान्य मित्र समझना बड़ी भूल है।बड़े से बड़ा लेखक ,अफ़सर या पत्रकार आपका मित्र होते हुए भी वैसा नहीं होता,जैसा वास्तविक मित्र होता है।उनके लिखे पर नियमित टीप करने पर आपअमित्रहो सकते हैं।इस दुनिया की मित्रता और शत्रुता केवल एकक्लिकदूर रहती है।यहाँअमित्रहोने का बदलाब्लॉककरके लिया जाता है।लोग अच्छे या बुरे लेखन के बजायलाइकऔरकमेंटसे परखे जाते हैं। कहने भर को यह आभासी मीडिया है पर यहाँ दोस्ती से ज़्यादा दुश्मनियाँ निभाई जाती हैं।इसलिए ज़्यादा समझदार लोग दूसरों के लिखे पर कुछ नहीं बोलते।


ऐसे मित्र जो आपके ही रचना-क्षेत्र में सक्रिय हैं,वे अक्सर इनबॉक्स में हीबेहतरीनलिखना पसंद करते हैं।ज़्यादा हुआ तो आपको फ़ोन करके शाबाशी देंगे पर सार्वजनिक रूप से कभी टिप्पणी नहीं करते।उनको भ्रम होता है कि एक-दो पंक्तियाँ खुलेआम लिख देने से कहीं उनकामित्रअमर हो जाए।कई बार ख़तरा यह भी है कि उनकी प्रतिक्रिया से उनके गैंग के दूसरे सदस्य बिदक जाएँ ! इसलिए ऐसे मित्रस्लीपर सेलकी तरह काम करते हैं।और ऐसे ही लोग साहस, सरोकार और सच्चाई पर लगातार लिखते रहते हैं।मित्रता का पूरी ईमानदारी से निर्वाह यही प्राणी करते हैं।पहले के समय में मुंशी प्रेमचंद ने कहा था कि बिगाड़ के डर से ईमान की बात कहोगे।जबकि आधुनिक प्रेमचंद पूरा हिसाब-किताब करके आख़िर में जो ईमान बचता है, वहइनबॉक्समें उड़ेल देता है।कम से कम मित्रता में इतनी ईमानदारी तो अभी बची है


कोई टिप्पणी नहीं:

मित्रता का आधुनिक काल

मित्रता एक ऐसा रिश्ता है , जो सबसे ज़्यादा अबूझ रहा है।यह देशकाल , परिस्थिति और सुविधा के अनुसार परिवर्तित होता रहता है।मि...